
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुए गंभीर हमले के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी को लेकर देशभर में उनकी सराहना हो रही है। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा ने कैप्टन स्मित मछार के साहस को नमन करते हुए कहा कि ऐसे जांबाज भारतीय पर पूरे देश को गर्व है।संजीव अरोड़ा ने कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जिसमें 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर घटना हुई और भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर कथित रूप से हमला किया गया। इस दौरान विमान अचानक हजारों फीट नीचे चला गया और स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों एवं चालक दल के अन्य सदस्यों को अंदर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का अवसर मिला।

बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित रूप से आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।उन्होंने कहा, “भारत विकास परिषद की ओर से ऐसे जांबाज भारतीय को दिल से सलाम है, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना संकट की उस घड़ी में साहस और कर्तव्य का परिचय दिया। कैप्टन स्मित मच्छर ने जिस धैर्य और बहादुरी का परिचय दिया, वह सभी के लिए प्रेरणादायक है। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।श्री अरोड़ा ने कहा कि इस घटना ने यह भी दिखाया कि आपात स्थिति में पायलट का धैर्य, प्रशिक्षण और निर्णय लेने की क्षमता कितनी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विमान में मौजूद उन यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों के साहस की भी सराहना की, जिन्होंने घायल पायलट की मदद की और हमलावर को काबू करने में सहयोग दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को आगे उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।
भारत विकास परिषद के सदस्यों ने कैप्टन स्मित मछार के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि देश ऐसे बहादुर नागरिकों के साथ खड़ा है। संजीव अरोड़ा ने विशेष रूप से कैप्टन स्मित मछार के माता-पिता को भी नमन और सलाम करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे संस्कारी, साहसी और कर्तव्यनिष्ठ बेटे को जन्म दिया, जिसने कठिन से कठिन परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी से प्रेरणा लेनी चाहिए और संकट के समय घबराने के बजाय संयम, साहस तथा जिम्मेदारी के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। कैप्टन मछार का साहस यह संदेश देता है कि कर्तव्य के प्रति समर्पण और हिम्मत के साथ बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
भारत विकास परिषद के सदस्यों ने एक स्वर में कैप्टन स्मित मछार के जल्द स्वस्थ होकर पुनः अपने कर्तव्य पर लौटने की कामना की तथा उनके परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर विजय अरोड़ा,संजू खुराना, दविन्द्र अरोड़ा, अश्वनी कुमार दत्ता, तरसेम मोदगिल, अजय चावला, एच.के. नाकड़ा व अन्य उपस्थित थे।












