
दसूहा (द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: मनु रामपाल। ऑल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा विभाग की मंंत्री केनाम भेजे मांगपत्र आल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की राज्य कमेटी के मुद्दे तथा राज्य प्रधान हरगोबिंद कौर के दिशानिर्देशों अनुसार ब्लाक दसूहा, की तरफ से ब्लाक प्रधान जसवीर कौर की अगुवाई में आशा वर्करों तथा हैल्परों की मांगे व समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा विभाग की मंत्री मैडम अरूणा चौधरी के नाम, उच्च अधिकारीयों के माध्यमं से मांग पत्र भेजे हैं। इस मौके पर नेताओं ने पंजाब सरकार को सख्त चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने पंजाब भर की 54 हजार आशा वर्करों तथा हैल्परों की मांगें न मानी तो सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा तथा 4 मार्च को चण्डीगढ़ में राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन किया जाएगा।

नेताओं ने मांग की कि आशा वर्करों को प्री-प्राइमरी, नर्सरी टीचर का स्तर दिया जाए और प्री-प्राइमरी स्कूलों में दाखिल किए गए 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आशा सैंटरों में वापिस भेजा जाए। आशआ वर्करों तथा हैल्परों को सरकार मुलाजिमों का दर्ज दिया जाए तथा जितना समय यह संभव नहीं, उतने समय कम से कम शर्तों को मुख्य रखते हुए वर्करों को 24 हजार रुपये व हैल्पर को 18 हजार रुपये दिए जाएं। पंजाब की वर्करों और हैल्परों को हरियाना पैट्रन र मान-भत्ता लागू किया जाए। अक्तूबर 2018 से वर्करों तथा हैल्परों के मान-भत्ते में काटे गए क्रमवार 600 से 300 रुपये एरियर सहित जारी किए जाएं। पंजाब में वर्करों तथा हैल्परों की खाली पड़ी सीटों की तुरंत भर्ती की जाए। पीएमएमवीवाई के अधीन गर्भवती महिलाओं के लिए दी जाती राशि का फार्म भरने के लिए वर्करों को 200 रुपये तथा हैल्पर को 100 रुपये प्रति फार्म जो दिसंबर 2017 से लागू है, एरियर सहित दिए जाएं। पंजाब में काम कर रही 200 के करीब क्रच वर्करों, हैल्परों का पिछले साल से रूका मानभत्ता तुरंत दिया जाए। इनको आईसीडी में शामिल किया जाए। 2015 में गलत सर्टिफिकेट व डिग्री पेश करके बनी सुपरवाइजरों को नौकरी से निकाला जाए।
विभाग उनके खिलाफ पड़ताल मकम्मल हो चुकी है। उनके खिलाफ विभाग के नियमों के अनुसार 420 के मामले दर्ज किए जाने तथा इनके स्थान पर जिनके हक मारे गए हैं उम वर्करों को सुपरवाइजर बनाया जाए। आशा वर्करों ने मीटिंग अटैंड करने के लिए दिए जाने वाली टीएई राशी 20 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति बैठक, आशा केन्द्रों में पकाए जाने वाले राशन के बालन के लिए पैसे 40 पैसे प्रति लाभपात्री से बढ़ाकर 1 रुपया यिा जाए, क्योंकि, गैस सिलेंडर 800 रुपये का हो गया है। एनजीओ काम करते 8 ब्लाक की वर्करों, हैल्परों आईसीडीएस स्कीम के अधीन लिया जाए तथा ब्लाक बठिंडा व खूहीयां सरवर को वापि, मुड़ विभाग में लाने के लिए अक्तूबर 2017 दौरान जारी की नोटिफिकेशन जारी की जाए।
इन ब्लाकों में काम करती वर्करों तथा हैल्परों की वर्दी, आंगनबाड़ी केन्द्रों की अदायगी तुरंत की जाएं। आंगनबाड़ी वर्करों को स्मार्ट फोन जितना समय नहीं दिए जाते उतना समय वर्करों से फोन के साथ संबंधित कोई काम न लिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को पूरा दर्जा दिया जाए। इस मौके पर बलविंदर कौर, सरबजीत कौर, हरजीत कौर, परमिंदर कौर, जसवीर कौर, कमलजीत कौर, नरिंदर कौर, लखविंदर कौर, अमनदीप कौर आदि शामिल थीं।












