
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। पंजाब में जब कोई बड़ी धार्मिक यात्रा का आयोजन होता है तो अकसर देखने में आया है कि मौके की सरकारों द्वारा सड़कों पर लगाए गए टोल टैक्स से से गुजरने पर उनके लिए टोल फ्री कर दिया जाता था और मौजूदा समय में भी अगर कोई सरकार से मांग करे तो सरकार तुरंत प्रभाव से लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए टोल टैक्स माफ कर देती है।

लेकिन हिमाचल में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। श्रावण माह के नवरात्रों में हिमाचल प्रदेश में स्थित लगभग हर शक्तिपीठ में मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु पंजाब एवं अन्य राज्यों से हिमाचल पहुंचते हैं तथा इस दौरान उन्हें सीमा पर हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए टोल टैक्स से गुजरना पड़ता है। जहां पर उन्हें गाड़ियों के हिसाब से तय टोल देना पड़ता है। इन दिनों भी नवरात्रे चल रहे हैं और हिमाचल जाने वाली गैरहिमाचली गाड़ियों से टोल वसूला जा रहा है। जिस कारण श्रद्धालुओं को 2 से 3 घंटे के लंबे जाम से गुजरना पड़ रहा है। जिससे इमरजैंसी में जाने वाले लोगों एवं छोटे बच्चों व बुजुर्गों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जैसा कि हमने पहले भी बताया था कि ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पंजाब-हिमाचल सीमा पर न तो हिमाचल पुलिस की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही पंजाब पुलिस की तरफ से। हालांकि दोनों की तरफ से व्यवस्थाओं के दावे किए गए हैं। मगर, हकीकत उससे कोसों दूर नज़र आ रही है। जाम को देखते हुए जहां हिमाचल सरकार को श्रद्धालुओं की सहूलत एवं भारी भीड़ के चलते कम से कम दो-तीन दिन (सतमीं, अष्टमी एवं नवमीं) टोल फ्री कर देना चाहिए, ऐसी श्रद्धलुओं की मांग है ताकि लोगों को जाम का सामना न करना पड़े एवं उन्हें यह महसूस न हो कि वह भारत में एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे हैं न कि किसी और देश में। अगर हिमाचल सरकार लोगों की भावनाओं एवं व्यवस्था का ध्यान रखते हुए ऐसा नहीं करती तो शायद उसे या तो जनता के आक्रोश का इंतजार है या फिर उन्हें लोगों की धार्मिक भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। इतना ही नहीं बड़े वाहनों को तो आरटीओ की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता है, जो श्रद्धालुओं की परेशानी को और बढ़ा देता है। पंजाब ने कभी भी एंट्री टैक्स नहीं लगाया, लेकिन हमने जब से होश संभाली है तब से देख रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने का टैक्स देना पड़ता है, जिससे प्रतीत ही नहीं होता कि हम अपने ही देश में घूम रहे हैं। जबकि पंजाब में कभी भी ऐसा टैक्स नहीं देखा। जब सरकार ने राज्य एवं केन्द्र की सड़कों को प्राइवेट कंपनियों से बनवाया तब कहीं जाकर यहां टोल लगा,. लेकिन मौके की सरकार ने कई टोल बंद करके जनता को काफी राहत प्रदान की है। मगर अपने ही देश में एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रदेव करने का टैक्स देना पड़े तो यह अपने आप में जनता का शोषण ही है।











