
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), नीरज धीमान। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए ‘इन्क्वायरी ऑफिसर्स’ (जांच अधिकारियों) का एक नया पैनल जारी किया है। विभाग द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य विभागीय जांचों में होने वाली देरी को कम करना और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस नई सूची में होशियारपुर जिले से संबंधित मामलों की जांच के लिए अनुभवी प्रिंसिपलों और मुख्य अध्यापकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग द्वारा जारी पैनल के अनुसार, होशियारपुर जिले में जांच प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को तैनात किया गया है (अनुमानित चयन):

लड़ी नं: जांच अधिकारी का नाम और पद वर्तमान स्टेशन (स्कूल)
1 श्री तरलोचन सिंह, प्रिंसिपल स.स.स.स. खड़का
2 श्रीमती मृदुला शर्मा, प्रिंसिपल स.स.स.स. फलाही
3 श्री चंद्र मोहन वर्मा, प्रिंसिपल स.स.स.स. पथियाल
4 श्री दीपक शर्मा, प्रिंसिपल स.स.स.स. सरियाना
5 श्री राकेश कुमार, प्रिंसिपल स.स.स.स. महलांवाली
6 श्री राजेश सिंह, प्रिंसिपल स.स.स.स. कमाहीदेवी
7 श्री जरनैल सिंह, प्रिंसिपल स.स.स.स. मजारा डीगरियां
8 श्री भारत भूषण, प्रिंसिपल स.स.स.स. अहिराणा कलां
9 श्री पवन कुमार, प्रिंसिपल स.स.स.स. हिम्मतपुर धनोआ
10 श्रीमती सोनिका, प्रिंसिपल स.स.स.स. संगोकतराला
जिले के वरिष्ठ प्रिंसिपलों को इस पैनल में शामिल किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर मामलों का जल्द समाधान हो सके। शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया था कि कई अनुशासनात्मक मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, बल्कि संबंधित कर्मचारियों के करियर पर भी अनिश्चितता बनी हुई थी।
सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की मंजूरी के बाद जारी इस पैनल को अब सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को भेज दिया गया है। शिक्षा मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही या बच्चों की शिक्षा में कोताही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। होशियारपुर सहित पूरे पंजाब में इन जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। विभाग का मानना है कि इस कदम से स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक माहौल में सुधार होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी संबंधित शाखाओं को इसकी जानकारी दे दी गई है।












