
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़): योग साधन आश्रम मॉडल टाउन में रविवार के सत्संग के दौरान भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि जब जब योगी गुरु मिले अज्ञान मिटा और हमें ज्ञान मिला। हमें जो यह शरीर मिला है वह प्रभु की अमानत है। शास्त्रों में बतलाया गया है कि शरीर को संभाल का रखना है। हठयोग के द्वारा हम शरीर को ठीक रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने शरीर ठीक रखने हेतु हमें 7 साधन बताये हैं जिनका हम सावधानी से पालन करें तो शरीर को ठीक रख सकते हैं। शरीर मिट्टी के घड़े की तरह कच्चा है इसकी सम्भाल हमने जरूर करनी है। घड़े को आग से पक्का सकते हैं तो शरीर को योग के द्वारा पक्का किया जा सकता है।

जिस प्रकार हम घर के कोने-कोने की सफाई करते हैं उसी प्रकार हमें शरीर के भी हर भाग की सफाई रखनी चाहिए। शरीर की सफाई न रखने के चलते हम कई बीमारियों से घिर जाते हैं। शरीर में दृढ़ता होनी चाहिए। शरीर में स्थिरता होनी चाहिए। योग में इसके लिए उपाय बताए गए हैं। षटकर्मों से शरीर की सफाई कर सकते हैं। योग में 84 लाख साधन है उनमें से कुछ साधनों को करके हम शरीर को मजबूत रख सकते हैं। शरीर में स्थिरता होनी चाहिए। यश अपयश सर्दी गर्मी में वह एक समान रहना चाहिए। प्राणायाम के द्वारा हम शरीर को हल्का रख सकते हैं। योगी को अपने भीतर प्रकाश दिखाई देता है। इसके लिए ध्यान लगाना पड़ता है। योग का एकमात्र लक्ष्य मोक्ष प्राप्ति है।











