
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पंजाब द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक नया ‘व्यापक कंप्यूटर शिक्षा और प्रयोगशाला मूल्यांकन ढांचा’ तैयार किया गया है। परिषद की निदेशक किरन शर्मा और सहायक निदेशक डॉ. राजीव कुमार द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (माध्यमिक शिक्षा) को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मुख्य उद्देश्य
इस नए ढांचे का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सरकारी मिडल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कंप्यूटर विज्ञान की शिक्षा, प्रयोगात्मक (प्रैक्टिकल) गतिविधियों, मूल्यांकन प्रणाली और कंप्यूटर प्रयोगशाला प्रबंधन में एकरूपता लाना है। नए सत्र से कंप्यूटर शिक्षा को पूरी तरह से कौशल-आधारित, व्यवस्थित, प्रभावी और परिणाम-केंद्रित बनाया जाएगा।
कक्षा 6वीं से 12वीं तक का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन
यह ढांचा कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसके तहत पूरे साल के पाठ्यक्रम को दो-दो महीने के आधार पर विभाजित किया गया है:
· कक्षा 6वीं से 8वीं: बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान, टक्स पेंट, शब्द संसाधक (वर्ड), प्रस्तुतीकरण (पावरपॉइंट) और पंजाबी टंकण (टाइपिंग) सिखाई जाएगी।
· कक्षा 9वीं और 10वीं: इसमें जालक्रम (नेटवर्किंग), डिजिटल संचार, डेटा तालिका (एक्सेल), डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (DBMS), वेब पेज निर्माण (HTML) और डेस्कटॉप प्रकाशन शामिल हैं।
· कक्षा 11वीं और 12वीं: इसमें छात्रों को संख्या प्रणाली, उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा (पायथन), क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा और ई-गवर्नेंस जैसे आधुनिक तकनीकी विषय पढ़ाए जाएंगे।
मूल्यांकन प्रणाली और अंक योजना
छात्रों के प्रदर्शन को मापने के लिए चार स्तरों वाली एक विशेष मूल्यांकन अंक तालिका बनाई गई है:
1. शुरुआती: बुनियादी समझ के लिए 1 अंक दिया जाएगा।
2. विकासशील: सामान्य समझ के लिए 2 अंक दिए जाएंगे।
3. समर्थ: अच्छी समझ और स्वतंत्र कार्य के लिए 3 अंक दिए जाएंगे।
4. निपुण: गहरी समझ और रचनात्मक सोच के लिए 4 अंक दिए जाएंगे।
इसके अलावा कंप्यूटर अध्यापकों को प्रयोगशाला की साफ-सफाई, सुरक्षा नियमों के पालन, उपकरणों के रख-रखाव और हर दो महीने में इंटरनेट पोर्टल पर विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।












