
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ रोकने संबंधी प्रबंधों में ढील जहां सरकार की विफलता को दर्शाता है वहीं उनकी उदासीनता से लोगों को भारी दिक्कतों एवं नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिसकी सारी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की है। हैरानी की बात है कि जो प्रबंध बरसात का मौसम आने से पहले कम से कम डेढ़ 2 माह पहले किए जाने चाहिए थे उन्हें करने की प्रशासन द्वारा अभी भी बातें ही कही जा रही हैं। परन्तु ग्राउंड लैवल पर कुछ भी सार्थक देखने को नहीं मिल रही है। जिससे प्रतीत हो रहा है कि सरकार एवं प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरीश आनंद ने आज यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में संभावित बाढ़ के खतरों पर नगर निगम, जिला प्रशासन एवं पंजाब सरकार की ढीली कार्यगुजारी की निंदा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गलियों में ओपन ड्रेनेज को टाइलें आदि लगाकर बंद कर दिया गया है और जो शहर के बीच से नाले गुजरते हैं उनकी अभी तक सफाई न करवाए जाने से हालात बद से बदतर बनते जा रहे हैं।

हाल ही में एक जोरदार बारिश के बाद जो शहर के हालात बने वह सभी के सामने थे तथा सीवरेज जाम व बैक होने से लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कई लोगों के घरों में पानी भरने से उनका काफी नुकसान भी हुआ। परन्तु सत्ता के नशे में चूर सत्ताधारियों को जनता की परेशानियां नहीं दिख रही हैं तथा सरकार की विफलता का पूरा पूरा लाभ अफसरशाही उठा रही है। क्योंकि, अगर अफसरशाही अपना कर्तव्य समझती होती तो शायद संभावित बाढ़ के खतरों को कम करने के लिए पहले से इंतजाम किए जाते। अगर इंतजाम नहीं भी करने थे तो प्रशासन कम से कम प्रयास ही करता। लेकिन होशियारपुर में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। पंजाब में एक तऱफ सरकार झूठे वायदों एवं मुख्यमंत्री कामेडी करके जनता का ध्यान भटकाने में लगे हैं तो अधिकारीगण मजे में सरकार सहूलतों का लाभ लेने में मस्त हैं। हरीश आनंद ने कहा कि बरसात के पानी से निजात दिलाने के लिए अगर सरकार ने जल्द ही ठोस कदम न उठाए तो लोग सड़कों पर उतरने को विवश होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और उसके अधिकारियों की होगी।











